ज़बाँ पे बार-ए-ख़ुदाया ये किस का नाम आया
कि मेरे नुत्क़ ने बोसे मिरी ज़बाँ के लिए
“Oh Lord, whose name has graced my tongue? My utterance itself then kissed my very tongue.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे ईश्वर, मेरी ज़बान पर यह किसका नाम आया, कि मेरी वाणी ने स्वयं मेरी ज़बान को चूम लिया।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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