ग़ज़ल
न गुल-ए-नग़्मा हूँ न पर्दा-ए-साज़
نہ گُلِ نغمہ ہوں نہ پردۂ ساز
यह ग़ज़ल, "न गुल-ए-नग़्मा हूँ न पर्दा-ए-साज़," शायर के गहन आत्म-चिंतन को दर्शाती है, जहाँ वह स्वयं को गीत या संगीत का स्रोत न मानकर अपनी ही शिकस्त की आवाज़ बताता है। यह महबूब की मनमोहक सुंदरता और शायर की गहरी चिंताओं के बीच विरोधाभास प्रस्तुत करती है। ग़ज़ल दिखावे के पीछे छिपे दिल दहला देने वाले रहस्यों की बात करती है और बताती है कि शायर अपनी उड़ने की शक्ति होने के बावजूद प्रेम या नियति के हाथों क़ैद है।
Source: rekhta · HI
गीत सुनें
1
न गुल-ए-नग़्मा हूँ न पर्दा-ए-साज़
मैं हूँ अपनी शिकस्त की आवाज़
मैं न तो गीत का फूल हूँ और न किसी साज़ का परदा। मैं अपनी ही हार की आवाज़ हूँ।
2
तू और आराइश-ए-ख़म-ए-काकुल
मैं और अंदेशा-हा-ए-दूर-दराज़
तू अपने घुंघराले बालों को सजाने में व्यस्त है, और मैं दूर-दराज की चिंताओं में डूबा हूँ।
3
लाफ़-ए-तमकीं फ़रेब-ए-सादा-दिली
हम हैं और राज़-हा-ए-सीना-गुदाज़
बाहर से शांत और सरल दिखने का दिखावा एक छल है; दरअसल, हम ऐसे रहस्य रखते हैं जो हृदय को पिघला देते हैं।
4
हूँ गिरफ़्तार-ए-उल्फ़त-ए-सय्याद
वर्ना बाक़ी है ताक़त-ए-परवाज़
मैं शिकारी के प्रेम में गिरफ्तार हूँ, अन्यथा उड़ने की शक्ति अभी भी मुझमें बाकी है।
5
वो भी दिन हो कि उस सितमगर से
नाज़ खींचूँ बजाए हसरत-ए-नाज़
कवि कामना करता है कि वह दिन आए जब वह उस निर्दयी प्रेमी के सामने अपना गर्व (नाज़) प्रकट कर सके, बजाय इसके कि केवल नाज़ की लालसा (हसरत) में रहे।
6
नहीं दिल में मिरे वो क़तरा-ए-ख़ूँ
जिस से मिज़्गाँ हुई न हो गुल-बाज़
मेरे दिल में खून की वह बूँद भी नहीं बची है जिससे मेरी पलकें (आँसू बहाते हुए) फूलों की तरह न सजी हों।
7
ऐ तिरा ग़म्ज़ा यक-क़लम-अंगेज़
ऐ तिरा ज़ुल्म सर-ब-सर अंदाज़
ऐ, तुम्हारी तिरछी नज़र पूरी तरह से उकसाने वाली है, और तुम्हारा ज़ुल्म सरासर एक मनमोहक अंदाज़ है।
8
तू हुआ जल्वा-गर मुबारक हो
रेज़िश-ए-सज्दा-ए-जबीन-ए-नियाज़
आपका प्रकट होना मुबारक हो, और विनम्र माथे से सजदों की वर्षा हो।
9
मुझ को पूछा तो कुछ ग़ज़ब न हुआ
मैं ग़रीब और तू ग़रीब-नवाज़
अगर आपने मेरे बारे में पूछा, तो यह कोई असाधारण बात नहीं थी। मैं गरीब हूँ और आप गरीबों के पालनहार हैं।
10
'असद'-उल्लाह ख़ाँ तमाम हुआ
ऐ दरेग़ा वो रिंद-ए-शाहिद-बाज़
असद-उल्लाह ख़ाँ का देहांत हो गया। अफ़सोस, वह सौंदर्य प्रेमी मस्त व्यक्ति अब नहीं रहा।
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
