असर सोज़-ए-मोहब्बत का क़यामत बे-मुहाबा है
कि रग से संग में तुख़्म-ए-शरर का रेशा पैदा है
“The effect of love's burning is unhesitatingly profound,That from stone's very vein, a spark's root can be found.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मोहब्बत की आग का असर बहुत ही बेबाक और गहरा होता है, यहाँ तक कि पत्थर की रगों से भी चिंगारी के बीज की जड़ पैदा हो सकती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
