मुझे अब देख कर अबर-ए-शफ़क़-आलूदा याद आया
कि फ़ुर्क़त में तिरी आतिश बरसती थी गुलिस्ताँ पर
“Now, seeing the twilight-tinged cloud, I recall, That in your absence, fire rained upon the garden, over all.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अब मुझे संध्या की लाली से रंगे बादल को देखकर याद आया कि तुम्हारी जुदाई में बगीचे पर आग बरसती थी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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