लरज़ता है मिरा दिल ज़हमत-ए-मेहर-ए-दरख़्शाँ पर
मैं हूँ वो क़तरा-ए-शबनम कि हो ख़ार-ए-बयाबाँ पर
“My heart trembles at the toil of the radiant sun, I am that drop of dew that rests upon a desert thorn.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा दिल चमकते सूरज की तपिश या मेहनत से काँप उठता है। मैं शबनम का वो कतरा हूँ जो रेगिस्तान के काँटे पर टिका हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
1 / 10Next →
