क्यूँ न चीख़ूँ कि याद करते हैं
मेरी आवाज़ गर नहीं आती
“Why should I not cry out, for they remember me?What if my voice does not reach them truly?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं क्यों न चीखूँ, क्योंकि मुझे याद किया जाता है। अगर मेरी आवाज़ नहीं आती।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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