क़फ़स में मुझ से रूदाद-ए-चमन कहते न डर हमदम — मिर्ज़ा ग़ालिब

क़फ़स में मुझ से रूदाद-ए-चमन कहते न डर हमदम गिरी है जिस पे कल बिजली वो मेरा आशियाँ क्यूँ हो

“In this cage, friend, do not fear to tell the garden's plight,Why should the nest struck by lightning yesterday be mine?”

— मिर्ज़ा ग़ालिब

अर्थ

पिंजरे में, मेरे दोस्त, मुझे बाग़ का हाल बताने से मत डरो। जिस घोंसले पर कल बिजली गिरी थी, वह मेरा घर क्यों हो?

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.