बे-पर्दा सू-ए-वादी-ए-मजनूँ गुज़र न कर
हर ज़र्रा के नक़ाब में दिल बे-क़रार है
“Do not pass unveiled through Majnu's valley, for every particle, in its veil, holds a restless heart.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मजनूं की वादी की ओर बे-पर्दा होकर मत जाओ, क्योंकि हर कण, भले ही वह ढका हुआ हो, एक बेचैन दिल रखता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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