दे मुझ को शिकायत की इजाज़त कि सितमगर
कुछ तुझ को मज़ा भी मिरे आज़ार में आवे
“Grant me permission, O cruel one, to complain,For you too might find some pleasure in my pain.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे सितमगर, मुझे शिकायत करने की अनुमति दे, ताकि तुझे भी मेरे दुख में कुछ आनंद मिल सके।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
