यास ओ उम्मीद ने यक-अरबदा मैदाँ माँगा
इज्ज़-ए-हिम्मत ने तिलिस्म-ए-दिल-ए-साइल बाँधा
“Despair and hope demanded a field for their sole strife;The helplessness of spirit wove a spell on the seeker's heart.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
निराशा और आशा ने अपने अकेले संघर्ष के लिए एक मैदान माँगा। हिम्मत की कमजोरी ने याचक के हृदय पर एक जादू कर दिया।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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