ग़ज़ल
हुजूम-ए-नाला हैरत आजिज़-ए-अर्ज़ यक-अफ़्ग़ाँ है
ہجومِ نالہ حیرت عاجزِ عرض یک افغاں ہے
यह ग़ज़ल गहरे दुःख और निराशा की अवस्था को चित्रित करती है, जहाँ शोक की अधिकता के कारण विलाप व्यक्त करना भी कठिन हो जाता है। इसमें प्रिय के कटाक्ष को एक तीखी तलवार के समान घातक बताया गया है, और दुख की प्रबलता ऐसी है कि ईद की सुबह भी फटे हुए गिरेबाँ से बदतर लगती है। यह हृदय और विश्वास को दाँव पर लगाकर साक़ी से सौदा करने की बात भी करती है।
Source: rekhta · HI
गीत सुनें
1
हुजूम-ए-नाला हैरत आजिज़-ए-अर्ज़ यक-अफ़्ग़ाँ है
ख़मोशी रेशा-ए-सद-नीस्ताँ से ख़स-ब-दंदाँ है
विलापों का समूह आश्चर्यचकित होकर एक आह भी व्यक्त करने में असमर्थ है। खामोशी, सौ नरकुलों के जड़ों जितनी गहरी, दाँतों में तिनका दबाए हुए है, जो पूर्ण समर्पण या लाचारी को दर्शाता है।
2
तकल्लुफ़-बर-तरफ़ है जाँ-सिताँ-तर लुत्फ़-ए-बद-ख़ूयाँ
निगाह-ए-बे-हिजाब-ए-नाज़ तेग़-ए-तेज़-ए-उर्यां है
स्पष्ट कहूँ तो, बुरे स्वभाव वालों की कृपा अधिक प्राणघातक होती है। नाज़ भरी बेपर्दा निगाह एक तेज़ नंगी तलवार है।
3
हुई ये कसरत-ए-ग़म से तलफ़ कैफ़ियत-ए-शादी
कि सुब्ह-ए-ईद मुझ को बद-तर अज़-चाक-ए-गरेबाँ है
अत्यधिक दुख के कारण मेरी खुशी की हालत बर्बाद हो गई है, इसलिए ईद की सुबह भी मुझे फटे हुए गिरेबान से भी बदतर लगती है।
4
दिल ओ दीं नक़्द ला साक़ी से गर सौदा किया चाहे
कि उस बाज़ार में साग़र माता-ए-दस्त-गर्दां है
यदि तुम साक़ी से सौदा करना चाहते हो, तो दिल और धर्म नक़द लेकर आओ। क्योंकि उस बाज़ार में प्याला ऐसी चीज़ है जो लगातार हाथ बदलती रहती है।
5
ग़म आग़ोश-ए-बला में परवरिश देता है आशिक़ को
चराग़-ए-रौशन अपना क़ुल्ज़ुम-ए-सरसर का मर्जां है
दुख और परेशानियाँ प्रेमी को संकटों के आगोश में पालती हैं। हमारा चमकता हुआ दीपक तूफानी सागर का मूंगा है, जो कठिनाइयों में भी चमकता है।
6
तकल्लुफ़ साज़-ए-रुस्वाई है ग़ाफ़िल शर्म-ए-रानाई
दिल-ए-ख़ूँ-गश्ता दर दस्त-ए-हिना-आलूदा उर्यां है
हे ग़ाफ़िल, बनावट सुंदरता की लज्जा के लिए बदनामी का कारण बनती है। ख़ून से सना दिल मेंहदी लगे हाथ में बेपर्दा पड़ा है।
7
'असद' जमइयत-ए-दिल दर-किनार-ए-बे-ख़ुदी ख़ुश-तर
दो-आलम आगही सामान-ए-यक-ख़्वाब-ए-परेशाँ है
हे असद, हृदय की शांति आत्म-विस्मृति की अवस्था में अधिक सुखद है। क्योंकि दोनों लोकों का ज्ञान केवल एक परेशान करने वाले सपने का कारण बनता है।
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