ज़ि-बस-कि जल्वा-ए-सय्याद हैरत-आरा है
उड़ी है सफ़्हा-ए-ख़ातिर से सूरत-ए-परवाज़
“So wondrous is the hunter's sight, a dazzling show,That from the mind's page, even the form of flight did go.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
शिकारी का नज़ारा इतना अद्भुत और हैरान कर देने वाला है कि मन के पन्ने से उड़ान की सूरत भी उड़ गई है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
