जादा है यार की रविश-ए-गुफ़्तुगू 'असद'
याँ जुज़ फ़ुसूँ नहीं अगर अफ़्साना चाहिए
“Asad, the beloved's style of speech is a path; If a tale is desired, here is naught but magic.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद, प्रिय के बात करने का तरीका एक मार्ग है। यदि कोई कहानी चाहता है, तो यहाँ जादू के सिवा कुछ नहीं मिलेगा।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev7 / 7
