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तुम शहर में हो तो हमें क्या ग़म जब उठेंगे
ले आएँगे बाज़ार से जा कर दिल ओ जाँ और

If you are in this city, what sorrow can we feel when we rise?We will go to the market and fetch more hearts and souls.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

जब तुम शहर में हो तो हमें कोई दुख नहीं हो सकता। जब हम उठेंगे, तो बाज़ार से जाकर और दिल और जान ले आएँगे।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

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