पाते नहीं जब राह तो चढ़ जाते हैं नाले रुकती है मिरी तब्अ' तो होती है रवाँ और

“When streams find no path, they swell and rise;When my creative spirit is checked, it flows with even greater might.”

— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

जब नदियाँ अपना रास्ता नहीं पातीं, तो वे उमड़ पड़ती हैं और भर जाती हैं। इसी तरह, जब मेरी प्रकृति या रचनात्मकता बाधित होती है, तो वह और भी अधिक वेग से प्रवाहित होती है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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