Sukhan AI
हवस-ए-गुल के तसव्वुर में भी खटका न रहा
अजब आराम दिया बे-पर-ओ-बाली ने मुझे

No fear, even in the thought of the rose's desire, remained,What wondrous peace, from wingless freedom, I gained!

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

अब गुलाब की चाहत के विचार में भी कोई डर या चिंता नहीं रही। मुझे बे-पर-ओ-बाल होने (किसी चाहत या बंधन से मुक्त होने) ने अद्भुत शांति दी है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.