Sukhan AI
किस का ख़याल आइना-ए-इन्तिज़ार था
हर बर्ग-ए-गुल के पर्दे में दिल बे-क़रार था

Whose thought became the mirror of my longing's gaze?Within each rose's petal, a restless heart ablaze.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

किसका ख़याल इंतज़ार का आइना था? हर गुलाब की पत्ती के परदे में एक बेचैन दिल था।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.