आज वाँ तेग़ ओ कफ़न बाँधे हुए जाता हूँ मैं
उज़्र मेरे क़त्ल करने में वो अब लावेंगे क्या
“Today I go there, with sword and shroud prepared,What further excuse for my murder can now be declared?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
आज मैं वहाँ तलवार और कफ़न बाँधकर जा रहा हूँ। मेरे क़त्ल करने में वे अब क्या बहाना बनाएँगे?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
