हज़रत-ए-नासेह गर आवें दीदा ओ दिल फ़र्श-ए-राह
कोई मुझ को ये तो समझा दो कि समझावेंगे क्या
“Should my revered advisor arrive, my eyes and heart shall pave his way, But someone please explain to me, what could he possibly say?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर सम्मानित उपदेशक आएं, तो मेरी आँखें और दिल उनके रास्ते पर कालीन बन जाएंगे। लेकिन कोई मुझे यह समझा दे कि वे आखिर मुझे क्या समझाएंगे।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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