दिल ता जिगर कि साहिल-ए-दरिया-ए-ख़ूँ है अब
इस रहगुज़र में जल्वा-ए-गुल आगे गर्द था
“From heart to liver, now it's a blood-river's shore, On this path, the flower's glow was dust before.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दिल से जिगर तक अब खून के दरिया का किनारा है। इस रास्ते में, फूल की चमक पहले धूल थी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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