Sukhan AI
तालीफ़ नुस्ख़ा-हा-ए-वफ़ा कर रहा था मैं
मजमुआ-ए-ख़याल अभी फ़र्द फ़र्द था

I was compiling the recipes of true love's art,My collection of thoughts was still but separate parts.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

मैं वफ़ा के नुस्ख़ों को संकलित कर रहा था। मेरे विचारों का संग्रह अभी भी अलग-अलग हिस्सों में था।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.