Sukhan AI
बंदगी में भी वो आज़ादा ओ ख़ुद-बीं हैं कि हम
उल्टे फिर आए दर-ए-का'बा अगर वा न हुआ

So free and self-regarding are we, even in devotion,That from Ka'aba's door we'd turn back, if it opened not for us.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

बंदगी में भी हम इतने आज़ाद और आत्म-अभिमानित हैं कि अगर का'बा का दरवाज़ा हमारे लिए न खुला तो हम वहाँ से उल्टे लौट आएँगे।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.