मर गया सदमा-ए-यक-जुम्बिश-ए-लब से 'ग़ालिब'
ना-तवानी से हरीफ़-ए-दम-ए-ईसी न हुआ
“Ghalib passed from the shock of a lip's mere stir,So weak, he could not stand Isa's life-giving air.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ग़ालिब होंठ की एक ज़रा-सी हरकत के सदमे से मर गया। वह इतना कमज़ोर था कि हज़रत ईसा की जीवन देने वाली साँस का भी सामना न कर सका।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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