या-रब ज़माना मुझ को मिटाता है किस लिए
लौह-ए-जहाँ पे हर्फ़-ए-मुकर्रर नहीं हूँ मैं
“O Lord, for what reason does time seek to erase me?I am no repeated word on the world's vast tablet.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे प्रभु, समय मुझे क्यों मिटाना चाहता है? मैं संसार की पटिया पर कोई दोहराया हुआ शब्द नहीं हूँ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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