हाथ पर गर हाथ मारे यार वक़्त-ए-क़हक़हा
किर्मक-ए-शब-ताब-आसा मह पर-अफ़्शानी करे
“When the beloved claps her hands in laughter's joyous flight,Like a glow-worm, she would spread on the moon her brilliant light.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर यार हँसते वक़्त हाथ पर हाथ मारे, तो वह जुगनू की तरह चाँद पर रोशनी बिखेरेगी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
