जाँ-दाद-गाँ का हौसला फ़ुर्सत-गुदाज़ है
याँ अर्सा-ए-तपीदन-ए-बिस्मिल नहीं रहा
“The courage of life-givers, consumes all leisure's claim,No longer here remains the bismil's throb, a dying flame.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जान देने वालों का साहस फुरसत को भी गला देता है। यहाँ अब बिस्मिल के तड़पने का समय नहीं रहा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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