“Paradise eagerly awaits those slain by your sword; the luster on your steel was the shadow of the houris' eyelashes.”
जन्नत तुम्हारी तलवार से मारे गए लोगों की प्रतीक्षा कर रही है; तुम्हारी तलवार पर चमकता जौहर वास्तव में हूरों की पलकों का अक्स था।
मिर्ज़ा ग़ालिब यहाँ महबूब की कातिल अदाओं की बड़ी अनोखी तारीफ़ कर रहे हैं, जहाँ उसके हाथों कत्ल होना किसी दर्द के बजाय सबसे बड़ा इनाम बन जाता है। वे कहते हैं कि महबूब की तलवार से मारे जाने वालों का इस्तकबाल करने के लिए खुद जन्नत बेकरार खड़ी है। तलवार की धार पर जो लहरदार लकीरें (जौहर) नज़र आ रही हैं, वह कोई धातु का निशान नहीं, बल्कि जन्नत की हूरों की पलकों का साया है जो टकटकी लगाए इन आशिक़ों की राह देख रही हैं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
