Sukhan AI
क्या भरती के क्षण में उमड़ आईं प्रेम-सरिता की धाराएँ?रे मन! ऐसी साँझ की वेला आ गई।

At the tide's peak, did the streams of love's river overflow?O mind! Such an evening's hour has come.

गनी दहींवाला
अर्थ

यह शेर पूछता है कि क्या प्रेम रूपी नदी की धाराएँ ज्वार के समय उमड़ पड़ीं, और इस भावनात्मक उफान को शाम के समय के आगमन से जोड़ता है।

विस्तार

यह सुंदर दोहा तीव्र भावनाओं को दर्शाता है। कवि पूछता है, "क्या प्रेम-नदी की धाराएँ पूर्णिमा की ज्वार-भाटे की तरह उमड़ पड़ी हैं?" यह कहने का एक काव्यात्मक तरीका है कि प्रेम की भावनाएँ बहुत तीव्रता से बढ़ गई हैं, जैसे समुद्र पूर्णिमा के समय उफान पर होता है। फिर कवि अपने मन को संबोधित करते हुए कहते हैं, "हे मन! ऐसी शाम की यह घड़ी आ गई है।" यह बताता है कि ये शक्तिशाली भावनाएँ उन्हें विशेष रूप से शाम के शांत, चिंतनशील समय में घेर लेती हैं। यह गहन आत्मनिरीक्षण का क्षण है, जहाँ प्रेम का प्रवाह अप्रतिरोध्य रूप से मजबूत महसूस होता है, जैसे-जैसे शाम ढलती है, दिल पूरी तरह भर जाता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.