“A true friend's worth is known when trials come,When work is needed, clever painter, I implore thee.”
सच्चे मित्र की परीक्षा तब होती है जब कोई भी काम पड़े या ज़रूरत आ पड़े। हे चतुर चित्रकार, मैं तुमसे विनती करता हूँ।
एक सच्चे मित्र की पहचान सुख के दिनों में नहीं, बल्कि तब होती है जब जीवन में मुश्किलें आती हैं और आपको उनकी मदद की सचमुच ज़रूरत होती है। यह इन्हीं कठिन पलों में है, जब कोई काम या ज़िम्मेदारी आप पर आती है, कि एक सच्चा साथी अपना अटूट समर्थन प्रकट करता है। कल्पना कीजिए एक चतुर कलाकार इस सार को चित्रित कर रहा है: वह क्षण जब सच्ची दोस्ती विपरीत परिस्थितियों में सबसे ज़्यादा चमक उठती है। यह दोहा खूबसूरती से बताता है कि सच्चे मित्र वे हैं जो बिना किसी हिचकिचाहट के आपकी मदद के लिए खड़े रहते हैं, अपनी वफ़ादारी को ठीक उसी समय साबित करते हैं जब यह सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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