“My balconies are dazzlingly adorned;My rooms shine like the city of Indra.”
मेरे झरोखे जगमगाते हुए सजे हैं; मेरे कमरे इंद्रपुरी जैसे चमकते हैं।
यह दोहा घर की सुंदरता और भव्यता का वर्णन करता है। इसमें कवि कहता है कि उसके घर की बालकनियाँ चमकदार और आकर्षक हैं। और उसके कमरे तो इंद्रपुरी जैसे लगते हैं, जो देवताओं के राजा इंद्र की नगरी है और स्वर्ग के समान मानी जाती है। यह दोहा दर्शाता है कि कवि अपने घर को कितना प्रिय और शानदार मानता है, उसे अपने ही घर में स्वर्ग का अनुभव हो रहा है। यह अपने निवास स्थान के प्रति गहरे संतोष और खुशी की भावना व्यक्त करता है।
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