कुछ तअ'ल्लुक़ रहा न दुनिया से — दाग़ देहलवी
“No bond remains between me and the world; such an obsession you have bestowed upon me.”
अर्थ
तुमने मुझे ऐसे काम या धुन में लगा दिया है कि अब दुनिया से मेरा कोई नाता या सरोकार नहीं रह गया है।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के उस ख़ूबसूरत आलम को बयां करता है जहाँ इंसान के लिए पूरी दुनिया बेमानी हो जाती है। शायर अपने महबूब से कहता है कि तुमने मुझे अपनी याद या चाहत का ऐसा 'शग़्ल' यानी ऐसा मशग़ला दे दिया है कि अब दुनियादारी से मेरा कोई नाता ही नहीं बचा। इसमें एक मीठा सा इक़रार भी है कि तुम्हारे ख़यालों में खो जाना ही अब मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा और इकलौता मक़सद बन गया है।
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