मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है — दाग़ देहलवी
“You reduce to dust the very one who meets you from the heart; my love, one who truly loves is found with such rare difficulty.”
अर्थ
तुम उसी को बर्बाद कर देते हो जो तुमसे सच्चे दिल से मिलता है; ऐ मेरी जान, सच्चा चाहने वाला बहुत मुश्किल से मिलता है।
विस्तार
इस शेर में आशिक अपने महबूब से बड़ी नज़ाकत और दर्द भरे शिकवे के साथ कहता है कि जो इंसान आपसे सच्चे दिल से मुख़ातिब होता है, आप उसी की कद्र न करके उसे मिटा देते हैं। यहाँ 'दिल से मिलना' (सच्चा प्रेम) और 'ख़ाक में मिलाना' (बर्बाद करना) का बड़ा मर्मस्पर्शी विरोधाभास बाँधा गया है। महबूब को 'मिरी जाँ' कहकर शायर बड़े प्यार से आगाह करता है कि दुनिया में सच्चा चाहने वाला बहुत मुश्किल से नसीब होता है, इसलिए ऐसी अनमोल नेमत को यूँ ज़ाया मत करो।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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