“What has become of this heart, God alone knows / Why it is so forlorn, who truly knows?”
दिल को क्या हो गया है यह सिर्फ़ ख़ुदा ही जानता है, और यह इस क़दर उदास क्यों है इसका कारण कोई नहीं जानता।
कभी-कभी बिना किसी साफ़ वजह के भी दिल अचानक उदास हो जाता है, और यह शेर उसी अनकहे अहसास को बेहद सादगी से छूता है। शायर यहाँ अपने ही दिल की उस बेबसी को बयां कर रहे हैं जहाँ इंसान खुद अपनी बेचैनी की वजह नहीं समझ पाता। यह एक गहरी और जानी-पहचानी कैफियत है कि जब हमारे जज़्बात खुद हमारे लिए एक पहेली बन जाएँ, तो उसका राज़ सिर्फ़ ख़ुदा ही जान सकता है।
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