“To be truly human is an arduous plight; why then do angels covet this mortal state?”
इंसान होना बहुत मुश्किल काम है, फिर फ़रिश्ते इंसान बनने की हसरत या लालच क्यों करते हैं?
इंसान होना कोई आसान बात नहीं है; दर्द, गलतियों और भावनाओं के भारी बोझ को संभालना इस कायनात का सबसे कठिन इम्तिहान है। शायर हैरान होकर पूछता है कि जो फ़रिश्ते हर ग़म और कमज़ोरी से पूरी तरह महफ़ूज़ हैं, वो भला इंसान बनने की हसरत क्यों रखते हैं? इस शेर में इंसानी वजूद के उस मीठे दर्द और कशमकश को बड़ी ख़ूबसूरती से उभारा गया है, जिसकी गहराई को आसमान के फ़रिश्ते भी समझ नहीं पाते।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
