“When those driven mad by you set foot upon the desert sand, / Even Majnun will bow to kiss their feet—such masters walk the land.”
जब तुम्हारे प्यार में दीवाने लोग जंगल या सेहरा में क़दम रखेंगे, तो मजनूँ भी उनके क़दम चूमेगा, क्योंकि वे इतने ऊँचे दर्जे के आशिक़ हैं।
उर्दू शायरी में मजनूँ को इश्क़ के जूनून और दीवानगी का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है, जो अपनी लैला की ख़ातिर सेहरा की ख़ाक छानता रहा। इस शेर में शायर महबूब के हुस्न की ऐसी पुरकशिश तारीफ़ करता है कि तेरे दीवानों का मर्तबा तो मजनूँ से भी कहीं आगे है। जब वो इस दश्त में क़दम रखेंगे, तो इश्क़ का यह पुराना उस्ताद भी उनके पाँव छूने और उनका एहतराम करने पर मजबूर हो जाएगा।
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