प्रसिद्धि भी अब मेरे लिए एक बंधन बन गई है,न जाने किस जनम का प्रचार ने बदला लिया है।
“Even fame has now become a bond for me,Don't know which past life's revenge publicity has wreaked.”
— अमृत घायल
अर्थ
प्रसिद्धि भी अब मेरे लिए एक बंधन बन गई है, पता नहीं किस जन्म के प्रचार ने बदला लिया है।
विस्तार
यह शेर प्रसिद्धि के एक गहरे विरोधाभास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जो चीज़ कभी सम्मान और चमकती थी, वह अब एक 'बंधन' बन गई है। यह उस दर्द को दिखाता है जब प्रसिद्धि, जो कभी मुक्ति का एहसास देती है, समय के साथ एक ज़ंजीर बन जाती है। यह एक कलाकार की नियति पर सवाल है।
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