दुःख प्रेम का क्यों हरसू गाएँ? कदम-कदम पर क्यों पछताएँ?यह यद्यपि है मुश्किल ठोकर, पर खाने में ही लज़्ज़त है।
“Why sing of love's sorrow everywhere? Why regret at every step?Though it is a difficult blow, there is pleasure in enduring it.”
— अमृत घायल
अर्थ
प्रेम के दुख को हर जगह क्यों गाएं और हर कदम पर क्यों पछताएं? यद्यपि यह एक कठिन ठोकर है, इसे सहन करने में ही आनंद है।
विस्तार
यह शेर प्रेम और पीड़ा के विरोधाभास को समझाता है। शायर कहते हैं कि हम प्रेम के दुःख को हर जगह क्यों गाते हैं, कदम-कदम पर क्यों पछताते हैं? वह बताते हैं कि भले ही ज़िंदगी में कोई मुश्किल ठोकर लगे, लेकिन उस अनुभव को जीना, उस पल को महसूस करना ही अपने आप में एक लज़्ज़त है। यह जीवन की स्वीकार्यता का संदेश है।
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