“When people angered, their hands reached for stones. But the hands of friends, they reached for daggers.”
जब लोग क्रोधित हुए तो वे पत्थरों तक गए, लेकिन दोस्तों के हाथ तो खंजरों तक जा पहुँचे। यह दर्शाता है कि अपनों द्वारा की गई बेवफ़ाई अजनबियों के गुस्से से कहीं ज़्यादा दर्दनाक होती है।
यह शेर अम्रुत घायल जी ने बहुत गहरे दर्द को बयां किया है। शायर कहते हैं कि गुस्सा करने वाले लोग तो सिर्फ़ पत्थर फेंक सकते हैं, पर दोस्त के हाथ तो खंजर तक पहुँच जाते हैं। यह एक चेतावनी है कि बाहरी गुस्सा तो सह लिया जाता है, पर अपनों का धोखा... वो कहीं ज़्यादा गहरा घाव देता है। यह रिश्ते की नज़दीकी और खतरे को दिखाता है।
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