न रोने की कसम पर कसम मैं खाए जाता हूँ! उमड़ते जाते हैं आँसू, मैं रोक नहीं सकता।

“Oath upon oath, I vow not to cry! Yet tears keep welling, I cannot deny.”

— अमृत घायल
अर्थ

मैं न रोने की बार-बार कसमें खाता हूँ, पर आँसू उमड़ते जा रहे हैं और मैं उन्हें रोक नहीं पा रहा हूँ।

विस्तार

यह शेर उस दिल की हालत बयां करता है जो खुद को काबू करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नाकाम हो जाता है। कसम खाना एक वसीयत करना होता है, एक वादा... लेकिन आँसू किसी वादे की परवाह नहीं करते। यह एहसास है कि कुछ भावनाएं इतनी गहरी होती हैं कि उन्हें रोकना इंसान के बस में नहीं होता। एक बहुत ही दर्द भरा, सच्चा एहसास है यह।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

न रोने की कसम पर कसम मैं खाए जाता हूँ! उमड़ते जाते हैं आँसू, मैं रोक नहीं सकता। | Sukhan AI