“The path that is barred to proud cavaliers / Is reserved in this realm for bare feet alone.”
जो रास्ता घुड़सवारों के लिए बंद है, वह यहाँ केवल नंगे पैर चलने वालों के लिए आरक्षित (समर्पित) है।
यह शेर इश्क या रूहानियत के उस नाज़ुक रास्ते की बात करता है, जहाँ ताकत और गुरूर से कोई नहीं पहुँच सकता। 'शहसवार' यानी घोड़े पर सवार घमंडी सूरमाओं के लिए यह राह बंद है, क्योंकि इसे तय करने के लिए शान नहीं, बल्कि सादगी और तड़प चाहिए। यहाँ सिर्फ़ वही चल सकते हैं जो 'बरहना पाँव' यानी नंगे पैर हैं—जो अपनी सारी अना और तकलीफ़ भूलकर खाकसार बन चुके हैं।
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