“Whoever takes the true path, abandons the false path.”
जो कोई सच्चा मार्ग अपनाता है, वह झूठे मार्ग को त्याग देता है।
यह सरल पर गहरा दोहा हमें जीवन में एक मूलभूत चुनाव की ओर मार्गदर्शन करता है। यह कहता है, "जो कोई भी सच्चा मार्ग अपनाता है, वह मिथ्या मार्ग को छोड़ देता है।" इसका अर्थ है कि हमें सत्य, ईमानदारी और धर्म के मार्ग पर चलने का सचेत निर्णय लेना चाहिए। जब आपका हृदय और मन वास्तव में सही और अच्छे पर केंद्रित होते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से किसी भी भ्रामक, कपटपूर्ण या हानिकारक चीज़ से दूर हो जाते हैं। यह हमें सिखाता है कि सत्य को अपनाना झूठ को त्यागना है, जिससे एक स्पष्ट और उद्देश्यपूर्ण यात्रा होती है। यह समझदारी से चुनने का आह्वान है, यह सुनिश्चित करते हुए कि आपके कार्य वास्तव में सही के साथ संरेखित हों।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
