અહં કૃ તિ તજી સ્મરણ કરો મન કર્મ વચન હરિવડે આદરો;

“Abandon ego, and remember Him; With mind, deed, and word, revere Hari within.”

— अखा भगत
अर्थ

अहंकार का त्याग करो और उसे स्मरण करो; मन, कर्म और वचन से हरि का आदर करो।

विस्तार

यह दोहा हमें अपने अहंकार को त्यागने और विनम्रतापूर्वक ईश्वर का स्मरण करने का निमंत्रण देता है। यह हमें अपने पूरे अस्तित्व को – अपने विचारों, अपने कर्मों और अपने वचनों को – हरि, यानी भगवान को समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है। अपने मन, कर्म और वाणी को भक्ति से जोड़कर, हम एक गहरा संबंध और आध्यात्मिक शांति अनुभव कर सकते हैं। यह स्वयं के महत्व से मुक्त जीवन जीने, और इसके बजाय अपने अस्तित्व के हर पहलू में ईश्वर के प्रेम और स्मरण पर ध्यान केंद्रित करने की एक सुंदर याद दिलाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.