अगरचे सीने में साँस भी है नहीं तबीअत में जान बाक़ी — अकबर इलाहाबादी
“Though breath still lingers in the chest, no spark of life remains within; Death awaits but a single glance, the heavens have already done their deed.”
अर्थ
हालाँकि सीने में अभी साँस चल रही है, लेकिन शरीर में अब जान बाकी नहीं रही। अब तो बस मौत की एक नज़र की देर है, क्योंकि तक़दीर (आसमान) तो अपना काम कर चुकी है।
विस्तार
शायर यहाँ उस दर्दनाक मंज़र को बयान कर रहे हैं जहाँ इंसान सांस तो ले रहा है, मगर अंदर से बिल्कुल टूटकर बेजान हो चुका है। आसमान यानी मुक़द्दर ने अपने सारे सितम ढाकर जीने की हर चाहत पहले ही ख़त्म कर दी है। अब बस मौत (अजल) की एक नज़र का इंतज़ार है, जो इस थके हुए वजूद को ख़त्म करने की महज़ औपचारिकता निभाएगी।
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