غزل میوزک ویڈیو · کلاسک · 5:58
ले चला जान मिरी रूठ के जाना तेरा
Le Chalaa Jaan Mirii Ruuth Ke Jaanaa Teraa
اشعار
ले चला जान मिरी रूठ के जाना तेरा ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा
बज़्म-ए-दुश्मन से तुझे कौन उठा सकता है इक क़यामत का उठाना है उठाना तेरा
यूँ तो क्या आएगा तू फ़र्त-ए-नज़ाकत से यहाँ सख़्त दुश्वार है धोके में भी आना तेरा
'दाग़' को यूँ वो मिटाते हैं ये फ़रमाते हैं तू बदल डाल हुआ नाम पुराना तेरा
داغ دہلوی
