غزل میوزک ویڈیو · کلاسک · 5:23
कोई ये कह दे गुलशन गुलशन
Koii Ye Kah De Gulshan Gulshan
اشعار
कोई ये कह दे गुलशन गुलशन लाख बलाएँ एक नशेमन
क़ातिल रहबर क़ातिल रहज़न दिल सा दोस्त न दिल सा दुश्मन
काँटों का भी हक़ है कुछ आख़िर कौन छुड़ाए अपना दामन
चलती फिरती छाँव है प्यारे किस का सहरा कैसा गुलशन
جگر مرادآبادی
