गए दिन कि तन्हा था मैं अंजुमन में
यहाँ अब मिरे राज़-दाँ और भी हैं
“The days when I was alone in the gathering, / Now there are more secrets of mine here.”
— علامہ اقبال
معنی
وہ دن گئے کہ تنہا تھا میں انجمن میں، یہاں اب میرے راز-دان اور بھی ہیں
تشریح
यह शेर वक़्त के बदलाव और रिश्तों की जटिलता को बयां करता है। शायर अल्लामा इकबाल कहते हैं कि वो दौर गया जब महफ़िल में तन्हाई एक निजी एहसास थी। अब 'राज़-दाँ' और भी हैं, यानी निजता और एकांत अब कहीं और मिल गया है।
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