ख़ुश आ गई है जहाँ को क़लंदरी मेरी
वगर्ना शे'र मिरा क्या है शाइ'री क्या है
“My magic has brought joy to this place, Otherwise, what is my verse, what is my poetry?”
— علامہ اقبال
معنی
میری کلندری سے جہاں خوش ہو گیا ہے، ورنہ میرا شعر اور میری شاعری کیا ہے۔
تشریح
यह शेर कहते हैं कि शायर की शायरी का वजूद उसके अपने 'क़लंदरी' यानी उसकी रूह और उसके जज़्बे पर निर्भर करता है। जब तक उसकी रूह ने जहाँ को रोशन नहीं किया, तब तक उसकी शायरी बेमानी है।
← Prev7 / 7
