शब्दार्थ
हसद
hasad
hinoun
अर्थ
ईर्ष्या, जलन या डाह।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'हसद' का अर्थ किसी की योग्यता, कामयाबी या नेमत पर होने वाली गहरी जलन और द्वेष है। इस शेर में शायर इसे अपनी काव्य-उत्कृष्टता (कमाल-ए-सुख़न) का लाज़मी ख़ामियाज़ा या सज़ा बताता है। यह ज़ाहिर करता है कि हुनर और फ़न की बुलंदी अक्सर ज़माने और हरीफ़ों के विद्वेष को ही न्योता देती है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ḥ-s-d (ح-س-د), carrying the sense of desiring the deprivation of another's blessing or merit.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'hasad' is commonly ascribed to envious contemporaries or the rival (raqeeb) who cannot endure the poet's literary genius or favored standing.
उदाहरण
हसद की आग में ख़ुद जल रहा है
अह्ल-ए-हुनर से हसद नादानों का शेवा है
समानार्थी
ईर्ष्याजलनडाहरश्क
संबंधित शब्द
हासिदरक़ीबकीना
