शब्दार्थ
हश्त-बहिश्त
hasht-bahisht
hinoun (compound)
अर्थ
इस्लामी मान्यता के अनुसार आठों स्वर्ग; परम बहिश्त।
विस्तार
इस्लामी धार्मिक परंपरा में 'हश्त-बहिश्त' का अर्थ स्वर्ग के आठ दर्जे या बाग़ होते हैं। इस शे'र में शायर रिंदों की निंदा करने वाले शैख़ पर व्यंग्य करते हुए कहता है कि वह बहिश्त में भी न आ धमके। यह पद आडंबरपूर्ण धर्मपरायणता और सच्चे आशिक़ों के मिज़ाज के द्वंद्व को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'hasht' (eight) + 'bahisht' (paradise/heaven).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently appears as an architectural metaphor or to satirize the ascetic's fixation on heavenly rewards.
उदाहरण
कू-ए-यार के आगे हश्त-बहिश्त की क्या हक़ीक़त।
शैख़ को हश्त-बहिश्त का लालच ही भटकाए रहा।
समानार्थी
आठों बहिश्तफ़िरदौसजन्नतस्वर्ग
संबंधित शब्द
बहिश्तजन्नतरिंदशैख़
