शब्दार्थ
हरीम
harīm
hinoun, masculine
अर्थ
पवित्र अंतःस्थल, पावन स्थान या सुरक्षित घेरा।
विस्तार
शाब्दिक रूप से 'हरीम' का अर्थ पवित्र, सुरक्षित व मर्यादित अंतःकक्ष या तीर्थ-परिसर होता है। सूफ़ी और दार्शनिक शायरी में यह आत्मा या ईश्वरीय सत्ता के अत्यंत गोपनीय अंतःस्थल का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में 'हरीम-ए-ज़ात' का अर्थ अस्तित्व का वह नितांत पवित्र केंद्र है जो आशिक़ की पुकार से गूँज उठा।
व्युत्पत्ति
Arabic (حريم), from the root ḥ-r-m (ح-ر-م), pertaining to that which is sacred, inviolable, or forbidden to profane intrusion.
प्रयोग
In the Urdu ghazal, it frequently appears in metaphorical compounds such as 'harīm-e-dil' (the heart's sanctum) or 'harīm-e-nāz' (the beloved's private chamber) to convey sacred intimacy.
उदाहरण
हरीम-ए-दिल में किसी ग़ैर का गुज़र न हुआ।
ता-सहर हरीम-ए-नाज़ में चराग़ जलता रहा।
समानार्थी
आस्तानाख़ल्वत-गाहहरम
संबंधित शब्द
महरमहुरमतएहराम
